प्रतिचुम्बकत्व
डायामैग्नेटिज़्म
डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक रूप है जो सभी पदार्थों में होता है, लेकिन यह आमतौर पर बहुत कमजोर होता है। यह लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र के प्रतिक्रिया में इलेक्ट्रॉनों की कक्षीय गति के कारण होता है।
डायामैग्नेटिज़्म कैसे काम करता है
जब किसी पदार्थ पर चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाता है, तो पदार्थ में मौजूद इलेक्ट्रॉन वृत्ताकार गति करने लगते हैं। इससे एक ऐसा चुंबकीय क्षेत्र बनता है जो लगाए गए क्षेत्र का विरोध करता है। डायामैग्नेटिक क्षेत्र की तीव्रता लगाए गए क्षेत्र की तीव्रता और पदार्थ में मौजूद इलेक्ट्रॉनों की संख्या के समानुपाती होती है।
डायामैग्नेटिक पदार्थ
सभी पदार्थ डायामैग्नेटिक होते हैं, लेकिन कुछ पदार्थ अन्य की तुलना में अधिक डायामैग्नेटिक होते हैं। सबसे अधिक डायामैग्नेटिक वे पदार्थ होते हैं जिनके बाहरी कोशों में बड़ी संख्या में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं। इन पदार्थों में शामिल हैं:
- बिस्मथ
- कॉपर (तत्व)
- गोल्ड (Au प्रतीक वाला तत्व, परमाणु क्रमांक 79)
- लेड
- मरकरी
- सिल्वर (तत्व)
डायामैग्नेटिज़्म सभी पदार्थों में पाया जाने वाला चुंबकत्व का एक कमजोर रूप है। यह लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र के प्रतिक्रिया में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है। डायामैग्नेटिज़्म का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें MRI मशीनें और चुंबकीय लेविटेशन उपकरण शामिल हैं, लेकिन चुंबकीय कंपास में नहीं।
डायामैग्नेटिक पदार्थ
डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक रूप है जो उन पदार्थों में होता है जो चुंबकीय क्षेत्रों से प्रतिकर्षित होते हैं। यह पैरामैग्नेटिज़्म के विपरीत है, जिसमें पदार्थ चुंबकीय क्षेत्रों की ओर आकर्षित होते हैं। डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक कमज़ोर रूप है, और यह केवल उच्च विद्युत चालकता वाले पदार्थों में ही नहीं देखा जाता।
डायामैग्नेटिक पदार्थ वे पदार्थ होते हैं जो चुंबकीय क्षेत्रों से प्रतिकर्षित होते हैं। इनकी चुंबकीय संवेदनशीलता ऋणात्मक होती है और विद्युत चालकता कम होती है। डायामैग्नेटिक पदार्थों का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें मैगलेव ट्रेनें, एमआरआई मशीनें और चुंबकीय ढाल शामिल हैं।
डायामैग्नेटिक पदार्थों के गुण
डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक रूप है जो उन पदार्थों में होता है जो चुंबकीय क्षेत्रों से प्रतिकर्षित होते हैं। यह पैरामैग्नेटिज़्म के विपरीत है, जिसमें पदार्थ चुंबकीय क्षेत्रों की ओर आकर्षित होते हैं। डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक कमज़ोर रूप है, और यह केवल उच्च विद्युत चालकता वाले पदार्थों में ही नहीं देखा जाता।
डायामैग्नेटिक पदार्थों के गुण
डायामैग्नेटिक पदार्थों में निम्नलिखित गुण होते हैं:
- वे चुंबकीय क्षेत्रों से प्रतिकर्षित होते हैं।
- उनकी विद्युत चालकता उच्च होती है।
- उनकी चुंबकीय संवेदनशीलता कम होती है।
- चुंबकीय क्षेत्र हटाने के बाद वे कोई चुंबकीय गुण नहीं रखते।
डायामैग्नेटिक पदार्थों के अनुप्रयोग
डायामैग्नेटिक पदार्थों का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें शामिल हैं:
- मैग्नेटिक लेविटेशन (मैगलेव) ट्रेनें: इलेक्ट्रोमैग्नेट का उपयोग ट्रेनों को ट्रैक से ऊपर लेविटेट करने के लिए किया जाता है, जिससे घर्षण कम होता है और उच्च गति से यात्रा संभव होती है।
- मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (MRI): MRI मशीनों में उपयोग होने वाले मजबूत चुंबकीय क्षेत्र बनाने के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट का उपयोग किया जाता है।
- डायामैग्नेटिक सामग्रियों का उपयोग सुपरकंडक्टर बनाने के लिए नहीं किया जाता है, जो ऐसी सामग्रियां हैं जो बिना किसी प्रतिरोध के बिजली का संचालन करती हैं।
डायामैग्नेटिक सामग्रियों के उदाहरण
डायामैग्नेटिक सामग्रियों के कुछ उदाहरणों में शामिल हैं:
- कॉपर
- सिल्वर एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक Ag है और परमाणु संख्या 47 है। यह एक नरम, सफेद, चमकदार धातु है।
- गोल्ड
- एल्युमिनियम
- लेड
- मरकरी
- पानी
- लकड़ी एक प्राकृतिक सामग्री है जो पेड़ों के द्वितीयक ज़ाइलम से प्राप्त होती है। यह मुख्य रूप से सेल्युलोज़, हेमीसेल्युलोज़ और लिग्निन से बनी होती है, और अपनी विषम संरचना के कारण इसे संयुक्त सामग्री के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। लकड़ी अपनी मजबूती, टिकाऊपन और बहुमुखी प्रतिभा के कारण निर्माण, फर्नीचर और कागज उत्पादन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।
- प्लास्टिक एक संश्लेषित सामग्री है जो पेट्रोकेमिकल्स से बनाई जाती है।
डायामैग्नेटिक सामग्रियां एक प्रकार की सामग्रियां होती हैं जो चुंबकीय क्षेत्रों से प्रतिकर्षित होती हैं। इनकी विद्युत चालकता कम होती है और चुंबकीय संवेदनशीलता ऋणात्मक होती है। डायामैग्नेटिक सामग्रियों का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों में किया जाता है, जिनमें मैगलेव ट्रेनें, MRI मशीनें और सुपरकंडक्टर शामिल हैं।
डायामैग्नेटिज़्म की लैंजेविन सिद्धांत
डायामैग्नेटिज़्म सामग्रियों का एक मौलिक चुंबकीय गुण है जो उनके घटक परमाणुओं या अणुओं के प्रेरित चुंबकीय आघूर्णों के कारण उत्पन्न होता है। यह चुंबकत्व का एक कमजोर रूप है जो लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र का विरोध करता है, जिससे सामग्री के भीतर समग्र चुंबकीय क्षेत्र की ताकत में मामूली कमी आती है। डायामैग्नेटिज़्म का सिद्धांत पॉल लैंजेविन ने 1905 में विकसित किया था, जिसने इस घटना की व्यापक व्याख्या प्रदान की।
प्रमुख अवधारणाएँ:
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चुंबकीय आघूर्ण: प्रत्येक परमाणु या अणु में एक चुंबकीय आघूर्ण होता है, जो एक सदिश राशि है जो इसकी चुंबकीय गुणों की ताकत और दिशा को दर्शाती है। डायामैग्नेटिक सामग्रियों में, व्यक्तिगत परमाणुओं या अणुओं के चुंबकीय आघूर्ण आमतौर पर छोटे और यादृच्छिक रूप से अभिविन्यासित होते हैं।
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चुंबकीय संवेदनशीलता: चुंबकीय संवेदनशीलता (χ) किसी सामग्री की लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र के प्रति प्रतिक्रिया का एक माप है। डायामैग्नेटिक सामग्रियों में चुंबकीय संवेदनशीलता ऋणात्मक होती है, जो दर्शाती है कि वे लगाए गए क्षेत्र का विरोध करती हैं।
लैंजेविन का सिद्धांत:
डायामैग्नेटिज़्म पर लैंजेविन का सिद्धांत इस धारणा पर आधारित है कि डायामैग्नेटिक सामग्री में परमाणुओं या अणुओं के चुंबकीय आघूर्ण लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र के कारण प्रेरित होते हैं। ये प्रेरित चुंबकीय आघूर्ण लगाए गए क्षेत्र की ताकत के समानुपाती होते हैं और इसके विपरीत अभिविन्यासित होते हैं।
गणितीय रूप से, लैंजेविन का सिद्धांत किसी डायामैग्नेटिक सामग्री की चुंबकीय संवेदनशीलता (χ) को इस प्रकार व्यक्त करता है:
$χ = - (N * μ^2) / (3 * k * T)$
जहाँ:
- N इकाई आयतन में परमाणुओं या अणुओं की संख्या को दर्शाता है।
- μ एक单独 परमाणु या अणु के चुंबकीय आघूर्ण को दर्शाता है।
- k बोल्ट्ज़मान नियतांक को प्रतीकित करता है।
- T निरपेक्ष तापमान को दर्शाता है।
निहितार्थ और अनुप्रयोग:
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लैंजेविन का सिद्धांत डायामैग्नेटिज़्म की तापमान-स्वतंत्र प्रकृति को सफलतापूर्वक समझाता है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, परमाणुओं या अणुओं की ऊष्मीय गति अधिक सक्रिय हो जाती है, लेकिन प्रेरित चुंबकीय आघूर्ण लगाए गए क्षेत्र के समानुपाती रहते हैं, जिससे एक स्थिर चुंबकीय संवेदनशीलता प्राप्त होती है।
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डायामैग्नेटिज़्म विभिन्न प्रकार की सामग्रियों को अलग करने के लिए उपयोग किए जाने वाला एक मौलिक गुण है। यह गैर-चुंबकीय सामग्रियों की विशेषता निर्धारित करने और उन्हें परामैग्नेटिक और फेरोमैग्नेटिक पदार्थों से अलग करने में विशेष रूप से उपयोगी है।
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डायामैग्नेटिक सामग्रियों को विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोग मिलते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- चिकित्सा निदान में चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (MRI)।
- उच्च गति वाले परिवहन के लिए चुंबकीय लेविटेशन (मैगलेव) प्रणालियाँ।
- कुशल ऊर्जा संचरण और भंडारण के लिए अतिचालक सामग्रियाँ।
संक्षेप में, डायामैग्नेटिज़्म का लैंजेविन सिद्धांत उन सामग्रियों के चुंबकीय व्यवहार की व्यापक समझ प्रदान करता है जिनमें यादृच्छिक रूप से उन्मुख चुंबकीय आघूर्ण होते हैं। यह ऋणात्मक चुंबकीय संवेदनशीलता, तापमान स्वतंत्रता और विभिन्न तकनीकी प्रगति में डायामैग्नेटिक सामग्रियों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझाता है।
डायामैग्नेटिज़्म, परामैग्नेटिज़्म और फेरोमैग्नेटिज़्म के बीच अंतर
डायामैग्नेटिज्म, पैरामैग्नेटिज्म और फेरोमैग्नेटिज्म तीन प्रकार के चुंबकत्व हैं जो पदार्थों में पाए जाते हैं। ये सभी परमाणुओं के भीतर इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण उत्पन्न होते हैं, लेकिन वे उत्पन्न होने वाले चुंबकीय क्षेत्र की ताकत और दिशा में भिन्न होते हैं।
डायामैग्नेटिज्म
डायामैग्नेटिज्म चुंबकत्व का सबसे कमजोर प्रकार है और यह सभी पदार्थों में पाया जाता है। यह उन परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है जो जोड़े में होते हैं। जब ये इलेक्ट्रॉन जोड़े में होते हैं, तो वे एक-दूसरे के चुंबकीय क्षेत्र को रद्द कर देते हैं, जिससे शुद्ध चुंबकीय क्षेत्र शून्य हो जाता है।
पैरामैग्नेटिज्म
पैरामैग्नेटिज्म डायामैग्नेटिज्म से मजबूत चुंबकत्व है और यह उन पदार्थों में पाया जाता है जिनमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉन होते हैं। जब इलेक्ट्रॉन अयुग्मित होते हैं, तो वे एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं जो अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या के अनुपात में होता है। जितने अधिक अयुग्मित इलेक्ट्रॉन एक पदार्थ में होंगे, उतना ही मजबूत उसका पैरामैग्नेटिज्म होगा।
फेरोमैग्नेटिज्म
फेरोमैग्नेटिज्म चुंबकत्व का सबसे मजबूत प्रकार है और यह उन पदार्थों में पाया जाता है जिनमें बड़ी संख्या में अयुग्मित इलेक्ट्रॉन एक ही दिशा में संरेखित होते हैं। यह संरेखण एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है जिसका उपयोग अन्य चुंबकों को आकर्षित या विकर्षित करने के लिए किया जा सकता है।
तुलना सारणी
| गुण | प्रतिचुंबकत्व | अनुचुंबकत्व | लौहचुंबकत्व |
|---|---|---|---|
| सामर्थ्य | सबसे कमजोर | अनुचुंबकत्व से मजबूत | सबसे मजबूत |
| कारण | युग्मित इलेक्ट्रॉन | अयुग्मित इलेक्ट्रॉन | संरेखित अयुग्मित इलेक्ट्रॉन |
| उदाहरण | तांबा, चांदी, सोना | एल्युमिनियम, ऑक्सीजन, सोडियम | लोहा, निकल, कोबाल्ट |
अनुप्रयोग
प्रतिचुंबकत्व, अनुचुंबकत्व और लौहचुंबकत्व की दैनंदिन जीवन में विभिन्न अनुप्रयोग होते हैं। कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
प्रतिचुंबकीय पदार्थों का उपयोग MRI मशीनों में नहीं किया जाता है। MRI मशीनों में शरीर के अंदर की छवि बनाने के लिए एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र बनाने हेतु अतिचालक चुंबकों का उपयोग किया जाता है। लौहचुंबकीय पदार्थों का उपयोग कंपास में पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के साथ संरेखित होने के लिए किया जाता है।
- लौहचुंबकत्व: लौहचुंबकीय पदार्थों का उपयोग चुंबकों, मोटरों और जनरेटरों में किया जाता है।
प्रतिचुंबकत्व, अनुचुंबकत्व और लौहचुंबकत्व चुंबकत्व के तीन महत्वपूर्ण प्रकार हैं जिनके दैनंदिन जीवन में विभिन्न अनुप्रयोग हैं। इन प्रकारों के बीच के अंतर को समझकर हम यह बेहतर समझ सकते हैं कि इनका उपयोग हमारे लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।
प्रतिचुंबकत्व के उपयोग
प्रतिचुंबकत्व एक प्रकार का चुंबकत्व है जो उन पदार्थों में होता है जो चुंबकीय क्षेत्र से प्रतिकर्षित होते हैं। यह गुण अनुचुंबकत्व के विपरीत है, जो उन पदार्थों में होता है जो चुंबकीय क्षेत्र से आकर्षित होते हैं। प्रतिचुंबकत्व चुंबकत्व का एक कमजोर रूप है और यह केवल कुछ पदार्थों जैसे पानी, ग्रेफाइट और बिस्मथ में ही प्रेक्षित किया जाता है।
इसकी कमजोरी के बावजूद, डायामैग्नेटिज़्म के कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं।
मैग्नेटिक लेविटेशन (मैग्लेव)
डायामैग्नेटिज़्म के सबसे महत्वपूर्ण उपयोगों में से एक है मैग्नेटिक लेविटेशन (मैग्लेव) ट्रेनों में। मैग्लेव ट्रेनें ट्रैकों के ऊपर लेविटेट करने के लिए शक्तिशाली चुंबकों का उपयोग करती हैं, जिससे घर्षण कम होता है और वे बहुत उच्च गति से यात्रा कर सकती हैं। ट्रैकों की विद्युतचुंबकीय गुणधर्म ट्रेनों को उच्च गति पर भी लेविटेट रखने में मदद करते हैं।
मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई)
डायामैग्नेटिज़्म का उपयोग मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) मशीनों में नहीं किया जाता है। एमआरआई मशीनें शरीर में प्रोटॉनों को संरेखित करने के लिए एक चुंबकीय क्षेत्र बनाने के लिए शक्तिशाली चुंबकों का उपयोग करती हैं। प्रोटॉन फिर रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं, जिनका उपयोग शरीर की छवियां बनाने के लिए किया जाता है। शरीर की पैरामैग्नेटिक गुणधर्म चुंबकीय क्षेत्र को केंद्रित करने और छवियों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदगार होती हैं।
मैग्नेटिक सेपरेशन
डायामैग्नेटिज़्म का उपयोग विभिन्न सामग्रियों को अलग करने के लिए भी किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, डायामैग्नेटिक सामग्रियों को पैरामैग्नेटिक सामग्रियों से एक चुंबकीय क्षेत्र से गुजारकर अलग किया जा सकता है। डायामैग्नेटिक सामग्रियों को चुंबकीय क्षेत्र द्वारा प्रतिकर्षित किया जाएगा, जबकि पैरामैग्नेटिक सामग्रियां इसकी ओर आकर्षित होंगी। इस प्रक्रिया का उपयोग खनिजों, धातुओं और अन्य सामग्रियों को अलग करने के लिए किया जा सकता है।
मैग्नेटिक शील्डिंग
डायामैग्नेटिक सामग्रियों का उपयोग चुंबकीय ढाल बनाने के लिए भी किया जा सकता है। चुंबकीय ढाल संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चुंबकीय क्षेत्रों से बचाने के लिए उपयोग किए जाते हैं। डायामैग्नेटिक सामग्री उपकरण को घेर लेती है और एक ऐसा स्थान बनाती है जहाँ चुंबकीय क्षेत्र रद्द हो जाता है। इससे चुंबकीय क्षेत्रों के कारण होने वाले नुकसान से उपकरण की सुरक्षा होती है।
डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक कमज़ोर रूप है, लेकिन इसके कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं। इन उपयोगों में चुंबकीय लेविटेशन, चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग, चुंबकीय पृथक्करण और चुंबकीय ढाल शामिल हैं। डायामैग्नेटिज़्म एक मूल्यवान गुण है जिसने कई तरीकों से हमारे जीवन को बेहतर बनाने में मदद की है।
डायामैग्नेटिज़्म FAQs
प्र: डायामैग्नेटिज़्म क्या है?
उ: डायामैग्नेटिज़्म चुंबकत्व का एक प्रकार है जो सभी सामग्रियों में होता है, लेकिन यह आमतौर पर बहुत कमज़ोर होता है। यह परमाणुओं और अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है जब उन्हें चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में लाया जाता है।
प्र: कौन-सी सामग्रियाँ डायामैग्नेटिक होती हैं?
उ: सभी सामग्रियाँ डायामैग्नेटिक होती हैं, लेकिन कुछ सामग्रियाँ अन्य की तुलना में अधिक डायामैग्नेटिक होती हैं। कुछ सामान्य डायामैग्नेटिक सामग्रियों में शामिल हैं:
- कॉपर (तत्व)
- सिल्वर (तत्व)
- गोल्ड
- एल्युमिनियम
- लेड
- ज़िंक
- कार्बन (तत्व)
- H₂O
प्र: डायामैग्नेटिज़्म कैसे काम करता है?
उ: डायामैग्नेटिज़्म परमाणुओं और अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है जब उन्हें चुंबकीय क्षेत्र के संपर्क में लाया जाता है। इलेक्ट्रॉन इस प्रकार गति करते हैं कि वे एक ऐसा चुंबकीय क्षेत्र बनाते हैं जो लगाए गए चुंबकीय क्षेत्र का विरोध करता है। यह विरोधी चुंबकीय क्षेत्र ही डायामैग्नेटिज़्म का कारण बनता है।
प्र: चुंबकत्व के कुछ अनुप्रयोग क्या हैं?
उ: चुंबकत्व के कई अनुप्रयोग हैं, जिनमें शामिल हैं:
- चुंबकीय लेविटेशन (मैगलेव) ट्रेनें
- चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (MRI)
- अतिचालक
- चुंबकीय कंपास
प्र: क्या चुंबकत्व और अनुचुंबकत्व एक ही हैं?
उ: नहीं, चुंबकत्व और अनुचुंबकत्व चुंबकत्व के दो अलग-अलग प्रकार हैं। चुंबकत्व परमाणुओं और अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की कक्षीय गति के कारण होता है, जबकि अनुचुंबकत्व परमाणुओं और अणुओं में असंगत इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण होता है।
प्र: क्या चुंबकत्व और लौहचुंबकत्व एक ही हैं?
उ: नहीं, चुंबकत्व और लौहचुंबकत्व चुंबकत्व के दो अलग-अलग प्रकार हैं। चुंबकत्व परमाणुओं और अणुओं में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है, जबकि लौहचुंबकत्व किसी सामग्री में चुंबकीय डोमेनों के संरेखण के कारण होता है।
प्रमुख अवधारणाएं
मूलभूत सिद्धांत: चुंबकत्व को एक कमजोर चुंबकीय “प्रतिकर्षण रिफ्लेक्स” की तरह सोचें - जब आप किसी चुंबकीय सामग्री के पास चुंबक लाते हैं, तो कक्षीय इलेक्ट्रॉन अपनी गति को समायोजित करके छोटे प्रतिरोधी चुंबकीय क्षेत्र बनाते हैं, जिससे सूक्ष्म प्रतिकर्षण होता है।
मुख्य सिद्धांत:
- सार्वभौमिक गुण: सभी सामग्रियां चुंबकत्व दर्शाती हैं, हालांकि यह आमतौर पर बहुत कमजोर होता है और मजबूत चुंबकीय प्रभावों से छिपा रहता है
- नकारात्मक संवेदनशीलता: चुंबकीय सामग्रियों में $\chi < 0$ होता है, जिसका अर्थ है कि वे चुंबकीय क्षेत्रों से कमजोर रूप से प्रतिकर्षित होती हैं
- लेन्ज़ का नियम उत्पत्ति: प्रेरित चुंबकीय आघूर्ण लागू क्षेत्र का विरोध करते हैं, विद्युतचुंबकीय प्रेरण सिद्धांतों का अनुसरण करते हैं
मुख्य सूत्र:
- $\chi = -\frac{N\mu^2}{3kT}$ - लैंजेविन का प्रतिचुंबकीय सुग्राहिता सूत्र
- $M = \chi H$ - चुंबकत्व आरोपित क्षेत्र के अनुकूल होता है (प्रतिचुंबकों के लिए ऋणात्मक)
- $B = \mu_0(1 + \chi)H$ - प्रतिचुंबकीय पदार्थ के भीतर चुंबकीय क्षेत्र
जेईई के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है
अनुप्रयोग: चुंबकीय उत्तलन (मैगलेव ट्रेनें), एमआरआई ढाल, अतिचालक चुंबक, पदार्थ वर्णन, अनुसंधान के लिए बिस्मथ क्रिस्टल
प्रश्न प्रकार: डाय-, पैरा-, और लौह-चुंबकत्व की तुलना, चुंबकीय सुग्राहिता की गणना, लैंजेविन के सिद्धांत की व्याख्या, चुंबकीय उत्तलन की स्थितियों का विश्लेषण
सामान्य गलतियाँ
गलती 1: सोचना कि प्रतिचुंबकीय पदार्थ चुंबकीय नहीं होते → सभी पदार्थ प्रतिचुंबकीय होते हैं; प्रभाव बस आमतौर पर इतना कमजोर होता है कि ध्यान नहीं जाता
गलती 2: प्रतिचुंबकत्व को अनुचुंबकत्व से उलझाना → प्रतिचुंबक चुंबकीय क्षेत्रों को प्रतिकर्षित करते हैं (χ < 0); अनुचुंबक आकर्षित करते हैं (χ > 0)
संबंधित विषय
[[Paramagnetism]], [[Ferromagnetism]], [[Magnetic Susceptibility]], [[Lenz’s Law]], [[Superconductivity]], [[Magnetic Levitation]]