अतिसंक्रामक छात्रों को एक'SATHEE' for JEE, medical entrance exams

नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएएस) यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार के अनुसार, संघ के शिक्षा मंत्रालय एक प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने की तैयारी में है जो छात्रों को प्रतिस्पर्धी एवं अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्वयं-गत आगे बढ़ते इंटरैक्टिव सीखने और मूल्यांकन का अवसर देगा।

इंजीनियरिंग और चिकित्सा में उच्च शिक्षा के लिए विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग खरीदने में असमर्थ छात्रों को अब ‘SATHEE’ से बहुत लाभ होगा।

यह प्लेटफॉर्म – स्व-मूल्यांकन परीक्षा और प्रवेश परीक्षाओं के लिए मदद (SATHEE) – भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर के साथ सहयोग में तैयार किया गया है।

शिक्षा मंत्रालय कहता है कि ‘SATHEE’ के माध्यम से देश के प्रसिद्ध आईआईटी संस्थानों और आईआईएससी बैंगलोर के शिक्षक देशव्यापी छात्रों को प्रशिक्षण देंगे।

देशव्यापी छात्रों के लिए ‘SATHEE’ प्लेटफॉर्म अगले हफ्ते के भीतर उपस्थित हो जाएगा।

अब तक, केंद्र सरकार ने जामिया मिलिया इस्लामिया और वाराणसी हिंदू विश्वविद्यालय जैसे कई संस्थानों में नागरिक सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को मुफ्त कोचिंग प्रदान की थी।

हालांकि, अब एक कदम आगे बढ़ने पर छात्रों को विभिन्न इंजीनियरिंग परीक्षाओं, एनईईटी और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में मुफ्त प्रशिक्षण मिलेगा, जिसमें जीईई शामिल है। इस व्यवस्था पर खर्च किए गए सभी खर्चों को सरकार अनुदान देगी।

संघ के शिक्षा मंत्रालय का यह नया प्लेटफॉर्म भारतीय छात्रों को प्रतिस्पर्धी एवं अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक स्व-केंद्रित इंटरैक्टिव सीखने और मूल्यांकन प्लेटफॉर्म का अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखता है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, एसएटीएचईई का उद्देश्य छात्रों को अवधारणाओं को सीखने में मदद करना और उनके कमजोर क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना है।

इसके लिए आईआईटी और आईआईएससी के शिक्षक देशव्यापी छात्रों की मदद करेंगे। इन शिक्षकों द्वारा विभिन्न विषयों पर विशेष वीडियो तैयार किए जाएंगे जो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उपस्थित छात्रों के लिए बहुत उपयोगी होंगे।

दिल्ली सरकार के स्कूलों में एनईईटी और जीईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। अतिरिक्त मदद चाहने वाले छात्रों के संबंध में सरकारी स्कूल शिक्षकों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।

इस साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 1,141 बच्चों ने एनईईटी और एनईईटी में उत्तीर्णाहीन हो चुके हैं। दिल्ली सरकार के स्कूलों के 648 बच्चों ने एनईईटी में उत्तीर्णाहीन हो चुके हैं और 493 बच्चों ने एनईईटी में उत्तीर्णाहीन हो चुके हैं।

इन परीक्षाओं में सफल होने वाले बच्चों के परिवार गरीब और उनके पास अनुकूल जीवन की स्थिति नहीं है। एनईईटी परीक्षा में उत्तीर्णाहीन बच्चों में से 199 लड़के और 449 लड़कियां हैं जबकि जीईई में 404 लड़के और 89 लड़कियां सफल हो चुकी हैं।

महत्वपूर्ण रूप से, आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को एक और राहत प्रदान की गई है, जिसमें विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं पर कर छीन लिया गया है। इस निर्णय के लागू होने पर एनईईटी, यूजीसी नेट, जीईई जैसी कई परीक्षाओं की शुल्क कम हो जाएगी और इन परीक्षाओं में उपस्थित छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

यह निर्णय गएएसटी परिषद द्वारा हाल ही में लिया गया है। छात्रों के अनुसार, यह राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

–आईएएनएएस जीसीबी/एचजेएच/डीपीबी

अपडेट: 05-मार्च-2023

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